पेट्रोल भरवाकर निकले दो मजदूर, कुछ ही मिनटों में चाकू की नोक पर लूट
नाबालिग सहित तीन आरोपी गिरफ्तार, 24 घंटे में पुलिस ने सुलझाई वारदात
जांजगीर-चांपा। राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर शाम ढलते ही दो मेहनतकश मजदूरों के साथ हुई लूट की वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। दिनभर मेहनत-मजदूरी कर घर लौट रहे दोनों युवकों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि पेट्रोल पंप से निकलने के कुछ ही मिनट बाद उनकी राह मौत और लूटेरों से टकराने वाली है।
अंधेरे का फायदा उठाकर बाइक सवार बदमाशों ने पहले रास्ता रोका, फिर चाकू से हमला कर घायल किया और नकदी व मोबाइल लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि वारदात में एक विधि से संघर्षरत बालक की भी संलिप्तता सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, खोखरा निवासी अशोक लाठिया अपने साथी के साथ 16 जुलाई को सारागांव में बढ़ई का काम करने आए थे। शाम को काम खत्म होने के बाद दोनों अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। रास्ते में एनएच-49 स्थित अंजली फ्यूल्स पेट्रोल पंप पर उन्होंने बाइक में पेट्रोल भरवाया।
इसी दौरान वहां मौजूद कुछ युवक उन्हें लगातार घूरते रहे। मजदूरों ने इसे सामान्य बात समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पेट्रोल पंप से लगभग 100 मीटर आगे पहुंचते ही बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। कुछ समझ पाते, उससे पहले आरोपियों ने चाकू जैसे धारदार हथियार से हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से दोनों मजदूर घबरा गए और खुद को संभाल भी नहीं पाए। आरोपियों ने उनके पास रखे दो मोबाइल फोन और करीब पांच हजार रुपये नकद लूट लिए। लूटी गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 25 हजार रुपये बताई गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सारागांव थाना पुलिस सक्रिय हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में थाना प्रभारी राकेश कुमार सूर्यवंशी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास के लोगों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस की नजर सक्ती जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र के डेरागढ़ गांव के रहने वाले महेन्द्र कुमार धारिया पर गई।
उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पहले वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूटा गया एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी सूर्यकांत बरेठ को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से लूट की रकम में से दो हजार रुपये नकद बरामद किए गए। जांच आगे बढ़ने पर यह भी सामने आया कि वारदात में एक विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल था।
पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक्सट्रीम मोटरसाइकिल, चाकू और दूसरा लूटा गया मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने सुनसान हाईवे पर राहगीरों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। वे ऐसे लोगों की तलाश में थे जो अकेले या कम संख्या में हों और आसानी से लूटे जा सकें। पेट्रोल पंप पर मजदूरों को देखकर उन्होंने उनका पीछा किया और सुनसान स्थान पर वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी राकेश कुमार सूर्यवंशी सहित सारागांव थाना स्टाफ की भूमिका को पुलिस विभाग ने सराहनीय बताया है।