जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण, कार्यप्रणाली का लिया जायजा
गोहपारू। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में गौरव मिश्रा, जिला ब्यूरो चीफ, शहडोल एवं शिशिर मिश्रा द्वारा गोहपारू के सोन टोला स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्लांट में संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं जल शोधन की प्रक्रिया का सूक्ष्मता से अवलोकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान यह देखने में आया कि प्लांट में कार्यरत कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। चाहे वह रसोइया हो, टेक्नीशियन, ऑपरेटर अथवा केमिस्ट—सभी कर्मचारी समन्वय के साथ अपने कार्य को जिम्मेदारीपूर्वक करते नजर आए।
प्लांट की कार्यप्रणाली एवं कर्मचारियों के बेहतर समन्वय के लिए इंजीनियर श्री निखिलेश तिवारी के निर्देशन की भी सराहना की गई। निरीक्षण के दौरान यह जानकारी सामने आई कि जल को निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप बनाए रखने के लिए शोधन प्रक्रिया में आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन, फिटकरी एवं अन्य निर्धारित रसायनों का उपयोग किया जाता है। इसके माध्यम से पानी की शुद्धता एवं गुणवत्ता बनाए रखने का निरंतर प्रयास किया जाता है।
जल शोधन की यह व्यवस्था जनहित से सीधे जुड़ी हुई है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित इस परियोजना का उद्देश्य लोगों तक गुणवत्तापूर्ण एवं शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में कार्य करना है।
इस अवसर पर गौरव मिश्रा एवं शिशिर मिश्रा ने प्लांट की कार्यप्रणाली का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य में लगे कर्मचारियों की कार्यकुशलता और जिम्मेदारी की सराहना की गई।



