खोगापानी की बदहाल सड़कों पर फूटा जनाक्रोश कीचड़ और गड्ढों में उतरे जनप्रतिनिधि, सीएमओ को हटाने की मांग तेज
तहसीलदार विनीत के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन, सड़क मरम्मत और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की उठी मांग
खोगापानी/एमसीबी। जिला एमसीबी के मनेन्द्रगढ़ से लगे नगर पंचायत खोगापानी में जर्जर सड़कों को लेकर शुक्रवार को लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया। कोयलांचल क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाला खोगापानी इन दिनों बदहाल सड़कों और कीचड़ से जूझ रहा है। पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं किए जाने से नाराज जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा के जनप्रतिनिधि एक मंच पर नजर आए।
प्रदर्शन में कांग्रेस नगर अध्यक्ष ललिता यादव, पूर्व पार्षद जगदीश मधुकर, वार्ड क्रमांक 4 की पार्षद कविता मधुकर, पार्षद इरशाद अहमद, वार्ड क्रमांक 12 के अनीश (मिक्कू), वार्ड क्रमांक 13 के भाजपा पार्षद सुरेश चौधरी, वार्ड क्रमांक 11 के निर्दलीय पार्षद जितेंद्र गुप्ता तथा वार्ड क्रमांक 1 के भाजपा पार्षद मुकेश कोल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) और जनप्रतिनिधियों के बीच सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर तीखी बहस भी हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदने के बाद उन्हें पुनः दुरुस्त नहीं कराया गया। बारिश के चलते सड़कें कीचड़ और पानी से भरे गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सीएमओ को हटाने तथा सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार (नजूल) विनीत ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से चर्चा कर शीघ्र सड़क मरम्मत और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन के आश्वासन पर टिकी हैं कि खोगापानी की जर्जर सड़कों की समस्या का समाधान आखिर कब तक हो पाता है।



