नीट पेपर लीक आंदोलन में फिर दिखा देवेंद्र यादव का दम, युवाओं के सबसे बड़े नेता के रूप में उभर रही पहचान


बिलासपुर। नीट पेपर लीक मामले को लेकर बिलासपुर में आयोजित छात्र-युवा आंदोलन ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सांसद निवास घेराव के दौरान हजारों छात्र और युवा सड़क पर उतरे तथा परीक्षा व्यवस्था में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की सक्रिय मौजूदगी ने युवाओं में नया उत्साह भर दिया।
1005872501.jpg
कैप्शन यहाँ लिखें...

 


आंदोलन के दौरान युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। जैसे ही देवेंद्र यादव प्रदर्शन स्थल पहुंचे, कार्यकर्ताओं और छात्रों में ऊर्जा का संचार हो गया। युवाओं ने उनके नेतृत्व में अपनी आवाज बुलंद की और पूरे आंदोलन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आज छत्तीसगढ़ में बहुत कम ऐसे नेता हैं जिनकी मौजूदगी मात्र से युवा कार्यकर्ताओं का उत्साह कई गुना बढ़ जाता हो।

दरअसल, देवेंद्र यादव की पहचान केवल एक विधायक के रूप में नहीं है। उनकी पहचान उस नेता की है जो राजनीति की ऊंचाइयों तक पहुंचने के बाद भी अपने संघर्ष के दिनों को नहीं भूला। छात्र राजनीति और युवा कांग्रेस से निकले इस युवा नेता ने हमेशा अपने कार्यकर्ताओं को सम्मान और अवसर देने की राजनीति की है।

राजनीति में अक्सर यह देखा जाता है कि युवा संगठनों से निकलकर बड़े पदों तक पहुंचने वाले नेता धीरे-धीरे अपने मूल संगठन और पुराने साथियों से दूरी बना लेते हैं। कई बार युवा कार्यकर्ता केवल भीड़ का हिस्सा बनकर रह जाते हैं। लेकिन देवेंद्र यादव का राजनीतिक सफर इस सोच से बिल्कुल अलग दिखाई देता है।

भारत के सबसे कम उम्र के महापौरों में शामिल रहने से लेकर लगातार विधायक बनने तक का सफर तय करने वाले देवेंद्र यादव ने हमेशा एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ अपना जुड़ाव बनाए रखा। आज भी वे प्रदेश के किसी भी जिले में पहुंचते हैं तो युवा कार्यकर्ताओं से उसी आत्मीयता के साथ मिलते हैं, जैसे एक पुराने साथी से मिल रहे हों।

यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में उनका यूथ कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में बड़ी संख्या में युवा उनके नेतृत्व से प्रभावित होकर जुड़ रहे हैं। कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र हों, सामाजिक आंदोलनों से जुड़े युवा हों या संगठन में काम करने वाले कार्यकर्ता—सभी वर्गों में देवेंद्र यादव की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

1005872502.jpg
कैप्शन यहाँ लिखें...

 


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत युवाओं के प्रति उनका विश्वास है। वे केवल भाषणों में युवाओं की बात नहीं करते, बल्कि उन्हें संगठन और राजनीति में आगे बढ़ाने का अवसर भी देते हैं। यही वजह है कि आज प्रदेश के लगभग हर जिले में उनके समर्थक युवाओं की मजबूत टीम खड़ी दिखाई देती है।

बिलासपुर में नीट पेपर लीक के खिलाफ हुआ आंदोलन भी इसी बढ़ते जनसमर्थन का उदाहरण बना। एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिस उत्साह के साथ आंदोलन को सफल बनाया, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश की युवा राजनीति में देवेंद्र यादव एक मजबूत और प्रभावशाली चेहरा बन चुके हैं।

कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं के बीच अक्सर यह चर्चा सुनने को मिलती है कि देवेंद्र यादव पद मिलने के बाद नहीं बदले। विधायक बनने के बाद भी उनके भीतर का कार्यकर्ता जिंदा है। यही कारण है कि प्रदेश के एक कोने से दूसरे कोने तक युवाओं में उनके प्रति विशेष लगाव और विश्वास दिखाई देता है।

आज जब छत्तीसगढ़ में युवा नेतृत्व की बात होती है, तो देवेंद्र यादव का नाम सबसे प्रमुखता से सामने आता है। बिलासपुर के छात्र आंदोलन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि युवाओं की लड़ाई हो, छात्रों के अधिकारों की बात हो या जनहित का कोई मुद्दा—देवेंद्र यादव हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते हैं।

नीट पेपर लीक के खिलाफ बिलासपुर का आंदोलन केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह उस बढ़ती युवा शक्ति का प्रदर्शन भी था जो आज देवेंद्र यादव के नेतृत्व में संगठित होती दिखाई दे रही है। पूरे प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा उनका यूथ कुनबा इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में युवा राजनीति में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।