मनेन्द्रगढ़: CSC सेंटर में छत तोड़कर चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, चोरी के पैसों से खरीदे मोबाइल बरामद
सतेन्द्र गुप्ता
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी ): छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ में सीएससी (CSC) सेंटर की छत तोड़कर नगदी उड़ाने वाले आरोपियों को सिटी कोतवाली पुलिस ने चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की रकम से खरीदे गए 2 नग मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। मामले में एक बालिग आरोपी को जेल भेज दिया गया है, जबकि एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पेण्ड्री (स्कूलपारा) निवासी गोविन्द कुमार राय मनेन्द्रगढ़ में “गोविन्द सीएससी सेंटर” नाम से दुकान संचालित करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 14 जून 2026 की शाम करीब 7:00 बजे वह दुकान बंद कर घर चले गए थे। जब वे रात करीब 9:30 बजे दुकान में सोने के लिए वापस आए, तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए।
दुकान का सारा सामान बिखरा हुआ था और छत की सीट खुली हुई थी। जब उन्होंने काउंटर की दराज चेक की, तो उसमें रखे ₹35,000 नगद गायब थे। प्रार्थी की शिकायत पर सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक (SP) श्रीमती रत्ना सिंह के निर्देशन और एएसपी पुष्पेंद्र नायक के मार्गदर्शन में मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) और गवाहों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को ग्राम पेण्ड्री के ही दो युवकों पर शक हुआ।
गिरफ्तार आरोपी:
अविनाश सिंह उर्फ धीरज (उम्र 18 वर्ष, निवासी- ग्राम पेण्ड्री)
एक 17 वर्षीय नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक)
पुलिस टीम ने जब परिजनों की मौजूदगी में दोनों संदेहियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने सीएससी सेंटर में चोरी की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि चोरी की रकम से उन्होंने मोबाइल फोन खरीद लिए थे, जिन्हें पुलिस ने ज़ब्त कर लिया है।
कोर्ट और किशोर न्याय बोर्ड में पेशी
अपराध साबित होने पर बालिग आरोपी अविनाश सिंह उर्फ धीरज को पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, मामले में शामिल नाबालिग को किशोर न्याय अधिनियम के तहत किशोर न्याय बोर्ड बैकुण्ठपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
मनेन्द्रगढ़ पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस टीम को मिली कामयाबी (सराहनीय भूमिका)
चोरी के इस मामले का खुलासा करने में मनेन्द्रगढ़ थाना प्रभारी (निरीक्षक) विवेक पाटले, पीएसआई मनीष, पीएसआई सोमी वर्मा, एएसआई अभिषेक पाण्डेय, प्रधान आरक्षक (सुनील रजक, राज कुमार सेन प्रिन्स, नवीन) और आरक्षक (अमित गुप्ता व आजाद) की मुख्य व सराहनीय भूमिका रही।