हिंदू आस्था एवं सामाजिक एकता की प्रतीक पावन कांवड़ यात्रा
बंधुओं एवं मातृशक्तियों को
श्रावण मास हिंदू सनातन परंपरा में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का पावन पर्व है। इस मास में प्रकृति की हरियाली के साथ भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था और समर्पण का भाव भी अपने चरम पर होता है। कांवड़ यात्रा इसी अटूट श्रद्धा, तपस्या, सेवा और सामूहिक एकता की जीवंत अभिव्यक्ति है।
इसी धर्मभाव एवं जनकल्याण की भावना से प्रेरित हमारे प्रिय श्री कृष्णकुमार (के.के.) झा जी, सरपंच ग्राम गनेरा एवं अध्यक्ष, सरपंच संघ माखननगर, तहसील के नेतृत्व में दिनांक 23 अगस्त 2026 को पवित्र मां नर्मदा के चौकाघाट से लगभग 500 धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं के साथ भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने हेतु 51 किलो नर्मदा जल की कांवड़ यात्रा प्रारंभ हुई।
यह पावन यात्रा बाबई, तवा, पांजरा एवं धौखेड़ा मार्ग से होते हुए इटारसी पहुंची तथा रात्रि विश्राम के पश्चात सोमवार, 24 अगस्त 2026 को तिलकसिंदूर के लिए प्रस्थान करेगी।
लगातार वर्षा और प्रतिकूल मौसम भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सका। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ भक्तों का उत्साह यह संदेश दे रहा था कि सच्ची श्रद्धा के मार्ग में कठिनाइयां बाधा नहीं, बल्कि साधना का अवसर बन जाती हैं।
इटारसी में हुआ आत्मीय स्वागत
रविवार, 23 अगस्त को कांवड़ यात्रा के इटारसी आगमन पर मंडी के पास प्रिंस होटल के सामने पांजरा जोड़ पर श्री परसराम बातोसिया जी की अगुवाई में श्रद्धालुओं का भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी श्री नवल गाड़रिया, श्री राममोहन शिप्रे, श्री रामदास निवारिया, श्री सीताराम गोहिया, राजेश मेहरा (बछलिया) श्री धनसिंह मसानिया, भोपाल से पधारे समाज संस्थापक श्री जगदीश गढ़वाल जी, मूल समिति के उपाध्यक्ष श्री संतोष सगोरिया जी, अध्यक्ष श्री सीताराम बम्हनिया तथा इटारसी समिति के पदाधिकारी श्री कैलाश बिलिया, श्री मुकेश बामलिया, श्री कपिल जुनानिया, श्री जगदीश राय, श्री संजय मेहरा, ओमप्रकाश चौहान सहित अनेक कर्मठ कार्यकर्ता एवं होशंगाबाद-इटारसी से पधारी मातृशक्ति विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
सभी ने श्री के.के. झा जी एवं कांवड़ यात्रा में सम्मिलित समस्त श्रद्धालुओं का पुष्पमालाओं एवं पुष्पवर्षा से अभिनंदन कर अपनी श्रद्धा एवं शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
यह केवल कांवड़ यात्रा नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, श्रद्धा, सेवा, सद्भाव और सामाजिक एकता का पावन संदेश है।
आइए, भगवान भोलेनाथ के चरणों में यही प्रार्थना करें कि मां नर्मदा की पवित्रता और महादेव की कृपा से हमारे समाज में प्रेम, भाईचारा, सद्भाव और एकता सदैव बनी रहे तथा हम सभी जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ते रहें।
हर हर महादेव, हर हर नर्मदे हर!
जय महाकाल
सीताराम बम्हनिया



