शहडोल जिले की सोहागपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बरूका में बने बांध जिसे छतवई बांध के नाम से जाना जाता है इस बांध की भूमि पर निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
ग्राम पंचायत की सरपंच ने इस मामले में कमिश्नर शहडोल और कलेक्टर शहडोल को पत्र लिखकर निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है।
मामला ग्राम पंचायत बरूका का है, जहां सरपंच पुइया बैगा द्वारा 4 जून 2026 को शहडोल संभाग के कमिश्नर को पत्र दिया गया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बरूका की नहर एवं बांध क्षेत्र की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
सरपंच के अनुसार, संबंधित भूमि राजस्व ग्राम बरूका में स्थित है और वर्ष 1977 में जल संसाधन विभाग द्वारा नहर का निर्माण कराया गया था। यह नहर आज भी ग्रामीणों द्वारा उपयोग में लाई जा रही है और क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत मानी जाती है।
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से नहर की भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। सरपंच ने इसे सार्वजनिक हित से जुड़ा मामला बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
स्थानीय ग्रामवासियों का कहना है कि "हमने कमिश्नर महोदय को पत्र भेजकर मांग की है कि नहर की भूमि पर हो रहे निर्माण की जांच कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए।"
ग्राम वासियों ने अजय कुमार पिता गुरूमुख दास, मनोज पिता गुरुमुख दास, बलराम गुप्ता पिता नौमीदीन गुप्ता, शांती स्वरूप पिता दयालदास जगवानी ये सभी निवासी जो शहडोल के हैं इन सभी लोगों के द्वारा अवैध रूप से लगभग 50 वर्षों से निर्माणाधीन बांधपर अवैध रूप से कब्जा कर पिलर खोदकर बाउण्ड्रीवॉल निर्माण किया जा रहा है, जिसका सभी गांव वाले विरोध कर रहे हैं,
गांव वालों का कहना है कि इन भू माफियाओं पर अगर कार्यवाही नहीं होती है तो ग्रामीण जन कलेक्ट्रेट और कमिश्नर कार्यालय में धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश हो जाएंगे।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
