शासकीय महाविद्यालय खिमलासा में राष्ट्रीय लाइब्रेरियन दिवस का आयोजन

बीना/ शासकीय महाविद्यालय खिमलासा में प्राचार्य डॉ. पूर्वा सांगलिकर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लाइब्रेरियन दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पुस्तकालय के महत्व एवं पुस्तकों के अध्ययन से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी गई।
   इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. पूर्वा सांगलिकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुस्तकालय ज्ञान का भंडार है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करते हुए पुस्तकों का अध्ययन करने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन करते रहने का आह्वान किया।
    महाविद्यालय के ग्रंथपाल सत्येन्द्र आठिया ने राष्ट्रीय लाइब्रेरियन दिवस के महत्व एवं पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. एस. आर. रंगनाथन के योगदान पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
    कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. एल. एन. दुबे ने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान, विचार और व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र है। उन्होंने विद्यार्थियों से पुस्तकालय के कुछ मूल मंत्र सदैव याद रखने का आह्वान करते हुए कहा—
“पुस्तकों से प्रेम ही जीवन को सँवारता है।”
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, पुस्तकों के प्रति सम्मान और ज्ञान के निरंतर अर्जन के लिए प्रेरित किया।
    कार्यक्रम में डॉ. किरण जैन ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पुस्तकालय एवं पठन-पाठन के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में डॉ. शाहबाज सुन्नी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
   इस अवसर पर डॉ. प्रतिभा राज, डॉ. अशोक यादव, चंद्रभान साकेत, तरुण दीक्षित,डॉ जागृति त्रिपाठी,डॉ. रुपाली जैन, डॉ. शुभी जैन, डॉ. वंदना मीणा, डॉ. अनिल विश्वकर्मा दामोदर पटेल सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।