सामुदायिक भवन बना जलमग्न, नल-जल बोरिंग में घुस रहा दूषित पानी; कागजों में डकार गए सामुदायिक शौचालय का पूरा बजट गोहपारू जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत अंकुरी का मामला 


शहडोल से राजेश कुमार यादव 


 गोहपारू ग्राम सल्दा में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का बड़ा खेल, ग्रामीणों ने वीडियो वायरल कर खोला मोर्चा; स्वास्थ्य संकट का बढ़ा खतरा


जनपद पंचायत गोहपारू के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अंकुरी का ग्राम सल्दा इन दिनों भ्रष्टाचार और प्रशासनिक घोर लापरवाही का केंद्र बन गया है। सरकार द्वारा ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए लाखों रुपये की सरकारी धनराशि स्वीकृत की जाती है, लेकिन धरातल पर पंचायत प्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से इस राशि का खुलेआम बंदरबांट किया जा रहा है। ग्राम सल्दा से सामने आईं तस्वीरों ने

शासन-प्रशासन के विकास के तमाम दावों की हवा निकाल दी है।

1. सामुदायिक भवन जलमग्न, सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान

गांव के सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैठकों के लिए निर्मित सामुदायिक भवन देखरेख और उचित योजना के अभाव में बदहाली के आंसू रो रहा है। परिसर में जल निकासी (ड्रेनेज) की कोई व्यवस्था न होने के कारण जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है और बारिश का पानी सीधे सामुदायिक भवन के अंदर घुस रहा है। भवन के भीतर पानी भरने से दीवारों में सीपेज आ रही है और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

2. नल-जल योजना के बोरिंग में घुस रहा गंदा पानी, महामारी का मंडराया खतरा

सबसे चिंताजनक स्थिति गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए कराए गए 'नल-जल योजना' के बोरवेल की है। बोरिंग के आसपास समुचित पक्की सुरक्षा या प्लेटफॉर्म न होने के कारण बाहर का दूषित और जलभराव का गंदा पानी सीधे बोरिंग के अंदर समा रहा है। यदि यह दूषित पानी पूरे गांव की पेयजल आपूर्ति में शामिल होता है, तो ग्राम सल्दा में जलजनित संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का सीधा खतरा पैदा हो गया है। इसके बावजूद जिम्मेदार महकमा गहरी नींद में सोया हुआ है।

3. बरगद चौराहा: बिना काम पूरा हुए सामुदायिक शौचालय का पूरा बजट आहरित

भ्रष्टाचार का दूसरा बड़ा प्रमाण ग्राम सल्दा के बरगद चौराहा पर देखने को मिल रहा है। यहां ग्रामीणों और राहगीरों की सुविधा के लिए निर्मित कराए जा रहे सामुदायिक शौचालय का काम अभी तक आधा-अधूरा ही पड़ा है। शौचालय के अंदर का आवश्यक निर्माण कार्य, सीट फिटिंग और फिनिशिंग पूरी तरह ठप है। लेकिन शासकीय कागजों और अभिलेखों में शौचालय निर्माण का पूरा बजट आहरित (विड्रॉ) कर लिया गया है। बिना कार्य पूर्ण हुए पूरी राशि का भुगतान हो जाना पंचायत स्तर पर चल रहे बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े को साफ उजागर करता है।

4. जागरुक ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, वीडियो वायरल कर दी चेतावनी

पंचायत प्रशासन की इस मनमानी, लीपापोती और भ्रष्टाचार से आक्रोशित होकर गांव के जागरुक नागरिकों एवं युवाओं ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन के अंदर पानी भरने, बोरिंग में दूषित पानी जाने और अधूरे पड़े शौचालय का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। वीडियो वायरल होते ही पूरे जनपद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच और सुधार कार्य नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन और तहसील मुख्यालय का घेराव करने को मजबूर होंगे।

बिना अंदर का कार्य पूर्ण हुए सामुदायिक शौचालय का शत-प्रतिशत भुगतान किस आधार पर और किस अधिकारी के सत्यापन पर किया गया?

नल-जल बोरिंग में गंदा पानी जाने से यदि गांव में कोई बीमारी फैलती है, तो इसका आपराधिक जिम्मेदार कौन होगा?

 क्या जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और जिला प्रशासन वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लेकर जांच दल गठित करेंगे?

 घटिया निर्माण कराने वाले संबंधित ठेकेदार, सचिव और सरपंच पर अब तक रिकवरी या एफआईआर (FIR) की कार्रवाई क्यों नहीं हुई है 




इनका कहना है 

1हमारे द्वारा काई बार सरपंच सचिव को बोला गया लेकिन कोई ध्यान नही दिया जा रहा है सामुदायिक शौचालय अंदर का काम नही कराया गया है पैसा पूरा आहरण कर लिया गया है 

ग्रामीण अनिल सिंह ग्राम सल्दा 

2सामुदायिक भवन मे पानी घुस रहा है नल जल बोर के अन्दर पानी घुस रहा है उसी पानी को ग्रामीणो को दिया जा रहा है  सभी ग्रामीणो स्वास्थ्य खराब हो जाएगा जिसकी जवाबदारी सरपंच सचिव की होगी।

शिव कुमार सिंह ग्राम सल्दा