रक्तदान कर अमन तिवारी ने बचाई सुरेंद्र कुशवाहा की जान, रात 2 बजे पहुंचकर दिया जीवनदायी रक्त

 शहडोल। मानवता और सेवा का एक प्रेरणादायी उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब ग्राम तगावर निवासी सुरेंद्र कुशवाहा सड़क दुर्घटना के बाद गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज, शहडोल में उपचाररत थे। चिकित्सकों द्वारा उनके ऑपरेशन के लिए तत्काल रक्त की आवश्यकता बताई गई।


रक्त की अत्यंत आवश्यकता की जानकारी मिलने पर अमन तिवारी ने बिना समय गंवाए देर रात लगभग 2 बजे मेडिकल कॉलेज शहडोल (ब्लड बैंक) पहुंचकर रक्तदान किया। उनके द्वारा समय पर किए गए रक्तदान से सुरेंद्र कुशवाहा के उपचार एवं आवश्यक ऑपरेशन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

रात्रि के कठिन समय में बिना किसी स्वार्थ के अस्पताल पहुंचकर रक्तदान करना अमन तिवारी की मानवीय संवेदनशीलता, सेवा भावना और समाज के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाता है।

इस अवसर पर परिजनों ने अमन तिवारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में उनके द्वारा की गई यह मदद परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही।

अमन तिवारी ने कहा कि रक्तदान केवल रक्त देने का कार्य नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को जीवन देने का माध्यम है। जब किसी की जान बचाने के लिए रक्त की आवश्यकता हो, तो हमें समय और परिस्थितियों की परवाह किए बिना आगे आना चाहिए।

समाज के युवाओं से भी अपील की गई कि वे नियमित रूप से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए आगे आएं।

“रक्तदान – महादान, किसी के जीवन की मुस्कान।”