रासायनिक खादों के जहर से बचेगी खेती श्री मधुबन गौशाला खन्नौधी ओम शो सहायता समूह खन्नौधी में 'कंचन बायो जैविक खाद' की बड़ी खेप उपलब्ध

  राजेश कुमार यादव 

 शहडोल गोहपारू आधुनिक दौर में रासायनिक उर्वरकों (डीएपी, यूरिया) के बेतहाशा इस्तेमाल से जहां एक तरफ खेतों की मिट्टी बंजर हो रही है, वहीं दूसरी ओर फसलों की पौष्टिकता भी खत्म होती जा रही है। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान और किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ओम सो सहायता समूह द्वारा संचालित श्री मधुबन गौशाला, खन्नौधी में उच्च गुणवत्ता युक्त 'कंचन बायो जैविक खाद' का निर्माण और वितरण बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया गया है।

गौशाला प्रांगण में भारी मात्रा में उपलब्ध यह कंचन बायो जैविक खाद न केवल फसलों को प्राकृतिक सुरक्षा चक्र प्रदान करती है, बल्कि अनाज, फल और सब्जियों की पैदावार व पौष्टिकता में भी क्रांतिकारी बदलाव लाने में सक्षम है।

क्यों खास है 'कंचन बायो जैविक खाद (पोषक तत्वों और प्रोटीन का भंडार)

कृषि विशेषज्ञों और स्वसहायता समूह के अनुसार, कंचन बायो जैविक खाद पूरी तरह से गोवंश के गोबर, गोमूत्र, सूक्ष्म जीवाणुओं (Micro-organisms) और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों के वैज्ञानिक मिश्रण से तैयार की गई है।

प्रोटीन और नाइट्रोजन का प्राकृतिक स्रोतः यह खाद पौधों को प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन प्रदान करती है, जो पौधों में प्रोटीन निर्माण के लिए सबसे जरूरी तत्व है। इसके उपयोग से दालों, गेहूं और धान में प्राकृतिक प्रोटीन का स्तर काफी बढ़ जाता है।

सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर इस जैविक खाद में फास्फोरस, पोटेशियम, जिंक, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक सूक्ष्म तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद हैं 

मिट्टी के मित्र जीवाणुओं की वृद्धी इसके डालते ही मिट्टी में केंचुए और मित्र जीवाणु (Beneficial Bacteria) तेजी से सक्रिय हो जाते हैं, जिससे जमीन की प्राकृतिक उर्वरक क्षमता (Fertility) दोगुनी हो जाती है।

फसलों में ज्यादा उपज और बेहतर गुणवत्ता के फायदे

1. पानी की कम खपतः कंचन बायो जैविक खाद मिट्टी की नमी सोखने और रोकने की क्षमता को बढ़ाती है, जिससे कम सिंचाई में भी फसलें हरी-भरी रहती हैं।

2. बीमारियों और कीटों से सुरक्षाः इस जैविक खाद के उपयोग से पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत होती है, जिससे फसलों पर इल्ली और अन्य कीटों का हमला न्यूनतम हो जाता है
3. अनाज में ज्यादा वजन और चमकः रासायनिक खाद से उगाई गई फसल जल्द खराब हो जाती है, जबकि कंचन बायो जैविक खाद से उत्पादित अनाज, फल और सब्जियां अधिक चमकदार, वजनी और स्वाद से भरपूर होती हैं।

पहल ओम सो सहायता समूह की सराहनीय

ओम सो सहायता समूह के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से बताया कि गौशाला के माध्यम से स्वदेशी और जैविक खेती को बढ़ावा देना उनका मुख्य ध्येय है। समूह का मानना है कि यदि किसान भाई अपनी खेती का कुछ हिस्सा भी जैविक खाद से शुरू करें, तो आने वाले समय में उनकी खाद पर होने वाली लागत में भारी कमी आएगी।

समूह ने क्षेत्र के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपनी आने वाली फसलों (खरीफ/रबी) के लिए रासायनिक जहर का त्याग करें और श्री मधुबन गौशाला खन्नौधी पहुंचकर कंचन बायो जैविक खाद प्राप्त करें।

संपर्क मोबाइल नंबर 6260201430 
स्थान श्री मधुबन गौशाला, खन्नौधी (गोहपारू)
संचालकः ओम सो सहाय ता समूह
उपलब्धताः सभी किसान भाइयों के लिए उचित दर पर