राजस्व महकमे की मिलीभगत से बुढ़ार तहसील की शासकीय जमीनों पर हो रहा अतिक्रमण - शैलेन्द्र श्रीवास्तव
दिनेश चौधरी शहडोल
बुढ़ार तहसील के अंतर्गत आने वाली शासकीय जमीनों पर बड़े पैमाने पर भू माफियाओं के द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है, पर अत्यधिक हैरानी की बात ये है कि वर्तमान में कहीं दूर नहीं बल्कि ख़ुद तहसील बुढ़ार की ही शासकीय ज़मीन पर भू माफियाओं के द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है , और इससे भी कहीं अधिक हैरानी की बात यह है कि बुढ़ार तहसील की जिस ज़मीन को कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन कलेक्टर श्री सतेन्द्र सिंह द्वारा ख़ुद जेसीबी चलवा कर अतिक्रमण मुक्त करवाया गया था, आज उनके जाने के कुछ वर्षों बाद ठीक उन्ही जमीनों पर फिर अतिक्रमण किया जा रहा है और कोई रोकने या बोलने वाला नहीं है l
तहसील बुढ़ार के पास स्थित एक स्कूल की जो ज़मीन एव तहसील के ठीक पीछे स्थित जो जमीनें तत्कालीन कलेक्टर श्री सतेन्द्र सिंह जी के द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराई गई थी आज उन्ही जमीनों पर तेजी से बाउंड्रीवाल निर्माण का कार्य किया जा रहा है l
उक्त मामले का तुरंत संज्ञान लेने, उक्त निर्माण कार्य को तत्काल रोके जाने एव पूरे मामले में हल्का पटवारी धनपुरी, राजस्व निरीक्षक धनपुरी एव तहसीलदार महोदय बुढ़ार - धनपुरी की भी भूमिका की जांच की जानी आवश्यक है , जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके l
शासन अपनी ही ज़मीन नहीं बचा पा रहा है, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद कैसे करे l राजस्व में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त है, और भू माफिया इसी का लाभ उठा कर बड़ी सफ़ाई से शासकीय जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं , बुढ़ार तहसील इसका जीता जागता उदाहरण है । तत्कालीन कलेक्टर श्री सतेन्द्र सिंह ने अपने कार्यकाल में बड़े पैमाने पर बुढ़ार तहसील की शासकीय जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराया था l अब उनके जाने के बाद वही जमीनें फिर से निजी कैसे को गई, ये तो तहसीलदार महोदय बुढ़ार या तहसील बुढ़ार में वर्षों से पदस्थ सबसे मेहनती, ईमानदार और गरीब बाबू मनोज सिंह ही बेहतर बता सकते हैं l
इस संबंध में शिकायत कर समाजसेवी शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने माँग की है कि राजस्व अमले की मिलीभगत से तहसील बुढ़ार की शासकीय जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण को तत्काल रोका जाये एव शासकीय जमीनों को तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाये , साथ ही एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर मामले में तहसील बुढ़ार के अधिकारियों एव कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाये l
