राजनगर क्षेत्र में जहरीली कच्ची शराब और सट्टे का बढ़ता कारोबार,मौतों से दहशत—कार्रवाई की मांग तेज

 ओमप्रकाश रवि 

 राजनगर क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कथित तौर पर अवैध कच्ची शराब और सट्टे का कारोबार लगातार बढ़ने से लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है, कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से तैयार की जा रही कच्ची शराब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। बीते दिन बाजार दफाई निवासी एक व्यक्ति की मौत के बाद इलाके में एक बार फिर चिंता और भय का माहौल है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार झीमर, पौराधार, डुमरकछार, बनगवां, राजनगर, डोला तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब की बिक्री का नेटवर्क फैला हुआ है। 

लोगों का आरोप है, कि कुछ स्थानों पर शराब तैयार करने में यूरिया जैसे रसायनों के इस्तेमाल की बात भी सामने आती रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।

युवाओं पर सबसे ज्यादा असर

ग्रामीणों का कहना है, कि अवैध शराब की आसान उपलब्धता के कारण बड़ी संख्या में युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। शराब के अत्यधिक सेवन से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है, कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

शराब की वजह से कई परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझने का दावा भी स्थानीय लोगों द्वारा किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि नशे की लत के कारण घरों में विवाद बढ़ रहे हैं और परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

सट्टे के कारोबार को लेकर भी नाराजगी

अवैध शराब के साथ-साथ क्षेत्र में कथित सट्टा कारोबार को लेकर भी महिलाओं एंव आम लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है, कि सट्टे की लत के कारण कई परिवार आर्थिक परेशानी में पहुंच रहे हैं। युवाओं के बीच सट्टे का बढ़ता चलन परिवारों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।

कार्रवाई की मांग,जन आक्रोश बढ़ा

अवैध शराब और सट्टे के खिलाफ अब क्षेत्रवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है, कि पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री के ठिकानों की जांच करें और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही सट्टा राजनगर एंव पौराधार में सत्ता कारोबार पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की जा रही है।

 स्थानीय लोगों का कहना है, कि प्रशासन यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई करता है, तो कई परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सकता है, और युवाओं को नशे तथा सट्टे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकता है।