कोतमा की अकरम इंडेन गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप, बिना सिलेंडर डिलीवरी और अलग-अलग जवाबों से बढ़ी नाराजगी
अनूपपुर। जिले के कोतमा स्थित अकरम इंडेन गैस एजेंसी को लेकर उपभोक्ताओं में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति में देरी के बीच कई उपभोक्ताओं ने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में बिना सिलेंडर प्राप्त हुए ही उपभोक्ताओं के नाम पर रिफिलिंग और डिलीवरी की एंट्री दर्ज कर दी गई, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। मिली जानकारी के अनुसार, कोतमा निवासी हरिशंकर मिश्रा ने बताया कि उन्होंने अपने गैस कनेक्शन की अंतिम रिफिलिंग 12 मई 2026 को कराई थी। इसके बाद 2 जून 2026 को उनके मोबाइल पर सिलेंडर रिफिलिंग का संदेश प्राप्त हुआ, जबकि उन्होंने न तो उस दौरान सिलेंडर बुक कराया था और न ही उनके घर कोई सिलेंडर पहुंचा। उपभोक्ता का कहना है कि उनके गैस रिकॉर्ड में भी इस संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उनके नाम पर जारी किया गया सिलेंडर किसे दिया गया। उपभोक्ता का आरोप है कि इस प्रकार की घटनाएं अकेली नहीं हैं और कई अन्य उपभोक्ता भी इसी तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि बिना उपभोक्ता को सिलेंडर दिए ही रिकॉर्ड में डिलीवरी दर्शाई जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। मामले को लेकर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई है।
हर बार बदलता रहा एजेंसी का जवाब
उपभोक्ता ने बताया कि सिलेंडर नहीं मिलने पर जब उन्होंने एजेंसी से संपर्क किया तो उन्हें हर बार अलग-अलग कारण बताए गए। पहले मोबाइल पर संदेश मिला कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी में 5 दिन की देरी होगी। इसके कुछ घंटे बाद ही दूसरा संदेश आया कि "Empty Cylinder Unavailable" (खाली सिलेंडर उपलब्ध न होने) के कारण इनवॉइस वापस कर दिया गया है। जबकि उपभोक्ता का दावा है कि गैस एजेंसी का कोई भी कर्मचारी उनके घर खाली सिलेंडर लेने नहीं पहुंचा और न ही किसी प्रकार का फोन या संपर्क किया गया। ऐसे में पहले डिलीवरी में देरी और फिर बिना उपभोक्ता से संपर्क किए इनवॉइस वापस कर देना एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि तकनीकी या प्रशासनिक समस्या है तो उसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
जांच की मांग
उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी उपभोक्ता को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
