कमीशनखोरी की भेंट चढ़ा विकास,केशवाही पंचायत में करोड़ों का भ्रष्टाचार उजागर
ग्राम पंचायत केशवाही में भ्रष्टाचार का बोलबाला,अधूरे पड़े हैं करोड़ों के निर्माण कार्य
शहडोल/केशवाही।। सरकार ग्राम विकास के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, लेकिन ग्राम पंचायत केशवाही में यही पैसा सचिव और सरपंच की कमीशनखोरी की भेंट चढ़ रहा है। आलम यह है कि बस स्टैंड से लेकर सड़क, पानी और रोशनी तक, हर योजना भ्रष्टाचार की चपेट में है और ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों में इसे लेकर भारी आक्रोश है।
1. अधूरा पड़ा यात्री प्रतीक्षालय, राशि पूरी हजम
केशवाही के मुख्य बस स्टैंड से ही भ्रष्टाचार की पोल खुलती है। विधायक जय सिंह मरावी के पिछले कार्यकाल में स्वीकृत हुआ यात्री प्रतीक्षालय कई साल बाद भी अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसकी पूरी राशि निकाल ली गई है। प्रतीक्षालय न होने से यात्रियों को घंटों खुले में बस का इंतजार करना पड़ता है, बारिश और कड़ी धूप में उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
*2. करोड़ों की स्ट्रीट लाइटें बनीं शोपीस, गांव आज भी अंधेरे में*
पंचायत में वार्ड-वार्ड में लाखों-करोड़ों की लागत से स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं, लेकिन एक भी लाइट आज तक चालू नहीं हुई। दिन में खंभों पर टंगी लाइटें शोपीस बनी हैं और रात में ग्रामीणों को अंधेरे में ही चलने को मजबूर होना पड़ता है।
*3. तीन महीने में ही उखड़ने लगी सीसी रोड*
सीसी रोड निर्माण में गुणवत्ता की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं। 2-3 महीने पहले बनी सड़कें अब पूरी तरह उखड़ने लगी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान न बेस डाला गया, न रेत की जगह कोल डस्ट मिलाया गया और सीमेंट भी बेहद कम लगाया गया। साथ ही मशीनों से काम कराकर मनरेगा के तहत ग्रामीणों को मिलने वाला रोजगार भी छीना जा रहा है, जिससे वे पलायन को मजबूर हैं।
*4. तालाब सौंदर्यीकरण में 15 लाख का खेल*
तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर 15 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। दस्तावेजों में 72 क्विंटल सरिया, 1260 बोरी सीमेंट का उपयोग दिखाया गया है, जबकि मौके पर रेत का एक कण भी नहीं लगा। मात्र 1 क्विंटल जीआई तार लगाकर पूरी राशि का बंदरबांट कर लिया गया। तस्वीरें खुद भ्रष्टाचार की गवाही दे रही हैं।
*5. नल-जल योजना फेल, पानी के लिए तरसते लोग*
वार्ड नंबर 1 में नल-जल योजना के तहत करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है। आरोप है कि आज तक नलों में पानी नहीं आया, जबकि मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने लाखों रुपये निकाले जा रहे हैं।
*6. जंगल में 15 लाख की अनुपयोगी पुलिया और बिना पानी का डैम*
पंचायत के जंगल में जहां न सड़क है न आवाजाही, वहां 15 लाख की लागत से गुणवत्ता विहीन पुलिया बना दी गई। वहीं मनरेगा से 20 लाख की लागत से नागमाडा में बना डैम भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। डैम में न पानी रोकने के लिए गेट लगाया गया, न फर्श बनाया गया। बरसात में भी डैम में पानी नहीं टिकता। सबसे बड़ी बात, इस काम में लगे मजदूरों की 55 हजार रुपये की मजदूरी आज तक नहीं दी गई।
कुल मिलाकर केशवाही ग्राम पंचायत में विकास नहीं, बल्कि कमीशन का खेल चल रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच और दोषी सचिव-सरपंच पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



