कजलियों की हरितिमा में गूंजा भाईचारे का संदेश, जयसिंहनगर में निकली श्रीकृष्ण-बलभद्र-सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा

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 ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में उमड़ा आस्था और उल्लास का जनसैलाब, जनता सागर बांध में माताओं-बहनों ने प्रवाहित की कजलियां

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 जयसिंहनगर। लोक परंपरा, आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता के अनुपम संगम का साक्षी बना जयसिंहनगर नगर। कजलियां पर्व के पावन अवसर पर ब्राह्मण समाज के तत्वावधान एवं ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष तथा सेवानिवृत्त प्राचार्य सनत पांडेय जी की अध्यक्षता में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किया गया। श्रीकृष्ण, बलभद्र एवं सुभद्रा जी की मनोहारी झांकी से सुसज्जित रथ यात्रा ने नगर की फिजाओं में भक्ति, उल्लास और भाईचारे का रंग घोल दिया। रथ यात्रा में नगर के विभिन्न वार्डों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।


 आयोजन की शुरुआत दुर्गा मंदिर वार्ड क्रमांक 07 में श्रद्धालुओं के लिए ब्राह्मण समाज द्वारा खीर के वृहद प्रसाद वितरण से हुई। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। इसके पश्चात भगवान श्रीकृष्ण, बलभद्र एवं सुभद्रा जी की भव्य झांकी से सुसज्जित रथ को विधिवत पूजन-अर्चन के बाद यात्रा के लिए रवाना किया गया।

भक्ति और उल्लास के बीच निकली रथ यात्रा

दुर्गा मंदिर से प्रारंभ हुई रथ यात्रा बस स्टैंड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, रीवा रोड एवं बंधा बाजार होते हुए ऐतिहासिक जनता सागर बांध पहुंची। यात्रा के दौरान डीजे की धार्मिक एवं भक्ति धुनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। नगर के विभिन्न वार्डों से माताओं-बहनों, बहन-बेटियों तथा नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
जनता सागर बांध पहुंचने पर कजलियां पर्व की पारंपरिक रस्म पूरी की गई। माताओं एवं बहनों ने श्रद्धा और उल्लास के साथ खुजुल-कजलियां प्रवाहित कीं। नगर के गणमान्य नागरिकों सहित सभी वर्गों की सहभागिता ने आयोजन को सामाजिक एकता और सौहार्द का स्वरूप प्रदान किया। कजलियों के विसर्जन के दौरान श्रद्धा, लोक संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों का मनोहारी दृश्य देखने को मिला।

प्रशासन की व्यवस्था रही सराहनीय

हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात की समुचित व्यवस्था की गई। थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा अपनी पुलिस टीम के साथ पूरे समय आयोजन स्थल एवं रथ यात्रा के साथ मौजूद रहे। तहसीलदार की उपस्थिति में प्रशासनिक अमले ने भी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजन संपन्न होने पर आयोजकों एवं नागरिकों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की।

ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष सनत पांडेय जी के जन्मदिन पर हुआ विशेष आयोजन

रथ यात्रा के पश्चात श्रद्धालु पुनः दुर्गा मंदिर पहुंचे। जहां सनत पांडेय जी के जन्मदिन के अवसर पर मां आदि शक्ति जगत जननी जगदंबा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा सभी ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की।
इसके उपरांत संध्या आरती के पश्चात शारदा प्रसाद द्विवेदी ने अपनी संगीत मंडली के साथ जन्मदिन के अवसर पर बधाई गीतों की मनोहारी प्रस्तुति दी। भक्ति और संगीत से सराबोर वातावरण में समाज के सदस्यों एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने केक काटकर सनत पांडेय जी का जन्मदिन मनाया तथा उन्हें आत्मीय शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

सामाजिक एकता और समरसता का दिया संदेश

इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं एवं समाजजनों ने कहा कि कजलियां पर्व केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का पर्व है। ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं। जयसिंहनगर में आयोजित इस भव्य रथ यात्रा ने लोक संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ सामाजिक सौहार्द की मजबूत मिसाल प्रस्तुत की। 
समाज सेवी एवं मिश्रा फल भंडार जयसिंहनगर के सौजन्य से बंधाबाजार में समस्त श्रद्धालुओं केला वितरित किया गया।
आयोजन में रामनिवास पयासी, सेवानिवृत्त शिक्षक परशुराम द्विवेदी, पं. अटल बिहारी वाजपेयी महाविद्यालय जयसिंहनगर के प्राचार्य धर्मेंद्र द्विवेदी, रोहणी प्रसाद शुक्ला, नगर परिषद उपाध्यक्ष संपत मिश्रा, भाजपा मंडल जयसिंहनगर अध्यक्ष जय श्री कचेर, भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य राजेश द्विवेदी, भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य एवं वनोपज समिति उपाध्यक्ष रामनारायण पांडेय, सांसद प्रतिनिधि रावेंद्र शर्मा, पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा दीपक गुप्ता, पार्षद नीरज शर्मा, पार्षद दिवाकर पयासी, पत्रकार दिनेश पयासी, दीपक पयासी, निर्मल द्विवेदी, विजय दुबे, सी.एल. तिवारी, ओमप्रकाश शुक्ला एडवोकेट, पंकज पाण्डेय, मनोज द्विवेदी एवं ओमप्रकाश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के सदस्य, नगर के गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समूचा आयोजन भक्ति, लोक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सौहार्द की ऐसी जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर गया, जिसमें जयसिंहनगर की सामाजिक संस्कृति और आपसी भाईचारे की झलक स्पष्ट दिखाई दी।