जनपद पंचायत जयसिंहनगर बना राष्ट्रीय ध्वज का व्यावसायिक केन्द्र, जिम्मेदार मौन
जयसिंहनगर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और गरिमा को लेकर शासन द्वारा समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। जिसके फलस्वरूप देश के हर क्षेत्र में गांव गांव में हर घर तिरंगा का सन्देश जन जन तक पहुुचे इसके बावजूद जनपद पंचायत जयसिंहनगर क्षेत्र में राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री और वितरण को लेकर कथित रूप से नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय ध्वज के नाम पर खुलेआम व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की चर्चा है, जिससे राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर जनपद पंचायत जयसिंहनगर में आने वाले ग्राम पंचायतो में जनपद पंचायत जैसीनगर के कर्मचारियों की मिली भगत से राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री की जा रही है। सवाल यह है कि इन ध्वजों की खरीद-बिक्री किस नियम और अनुमति के तहत हो रही है तथा इनके निर्माण, निर्माण की जिम्मेदारी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आजीवी का परियोजना मिशन के तहत संचालित होने वाले स्व सहायता समूह को सोपा गया था जिससे समूह की महिलाओं को रोजगार प्राप्त हो सके लेकिन इन सभी राष्ट्रीय ध्वजों को जनपद पंचायत जैसीनगर के द्वारा अपने संरक्षण में लेकर के अपने चुनिंदा कर्मचारी व अन्य व्यक्तियों के मिली भगत से प्रत्येक ग्राम पंचायत को सरकारी आदेश का दोस्त दिखा करके ₹30 प्रति राष्ट्रीय ध्वज के हिसाब से शासकीय कोर्स से नगद के माध्यम से राज्य की उगाही की जा रही है और मजेदार बात यह है कि इस राशि व राष्ट्रीय ध्वज के करे व विक्रय की कोई भी रसीद व पावती ग्राम पंचायत को प्रदान नहीं की जा रही है जिससे यह साफ जाहिर होता है कि जनपद पंचायत स्तर पर यह खेल कुछ चुनिंदा कर्मचारियों को बाहरी व्यक्तियों की मिली भगत से संचालित हो रहा है
क्या कहते हैं स्थानीय जन
स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक सामान्य वस्तु नहीं, बल्कि देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। ऐसे में इसके व्यावसायिक उपयोग या बिक्री में नियमों की अनदेखी होने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहा है। यदि क्षेत्र में राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री या वितरण निर्धारित नियमों के विपरीत हो रहा है तो प्रशासन द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा सर्वोपरि
राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में उठ रहे सवालों के बीच अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने आती है। इस विषय से जुड़ी हुई अगली जानकारी कल के प्रशासन में आप सभी के समक्ष रखी जाएगी



