शुक्रवार को बरगी बांध में हुए भीषण हादसे के बीच एक मानवीय साहस की कहानी भी सामने आई। क्रूज बोट के डूबने से उपजे अफरा-तफरी भरे माहौल में कुछ साधारण मजदूर असाधारण नायक बनकर उभरे। उफनते पानी की परवाह किए बिना उन्होंने जान जोखिम में डालकर कई पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
मध्य प्रदेश सरकार ने इन बहादुर बचावकर्मियों के साहस को सम्मान देते हुए प्रत्येक को 51,000 रुपये देने की घोषणा की है। जैसे ही बोट डूबने लगी, पास ही जल जीवन मिशन के तहत कार्य कर रहे लगभग 35 मजदूर बिना देर किए पानी में कूद पड़े। उन्होंने अपने औजार छोड़ दिए और किसी औपचारिक टीम के पहुंचने से पहले ही राहत कार्य शुरू कर दिया।
इन मजदूरों ने सीमित संसाधनों के बावजूद अद्भुत सूझबूझ दिखाई। केवल रस्सियों के सहारे उन्होंने तत्काल एक बचाव दल तैयार किया और शुरुआती महत्वपूर्ण मिनटों में ही करीब एक दर्जन लोगों की जान बचाने में सफल रहे।
जब नाव पूरी तरह पलट गई, तो मजदूरों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर मानव श्रृंखला बनाई। बिना किसी सुरक्षा उपकरण या प्रशिक्षण के, उन्होंने अपनी समझ और हिम्मत के बल पर लोगों को पानी से बाहर निकाला—एक ऐसा प्रयास जो सच्चे साहस और मानवता की मिसाल बन गया।
इस दर्दनाक घटना पर नरेन्द्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की।


