डॉ. कमलेश अहिरवार ने 18वीं बार किया रक्तदान, वरदान फाउंडेशन की मुहीम से मरीज को मिला नया जीवन
बरमान कलां - नरसिंहपुर जिला चिकित्सालय में शनिवार को सामाजिक संस्था वरदान फाउंडेशन की 'मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म' की सोच का एक जीवंत उदाहरण देखने को मिला। संस्था के जिला अध्यक्ष एवं अहिरवार समाज संघ भारत के जिला उपाध्यक्ष डॉ. कमलेश कुमार अहिरवार ने अत्यंत गंभीर स्थिति में भर्ती एक मरीज के लिए आपातकालीन स्थिति में रक्तदान कर उसकी जान बचाई। यह डॉ. अहिरवार का 18वां रक्तदान था।
क्या है पूरा मामला?
बरमान कलां (रीछई) निवासी मरीज मुन्ना लाल नौरिया (पिता पंचू लाल) की तबीयत अत्यधिक खराब होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल नरसिंहपुर में भर्ती कराया गया था। जांच में मरीज का हीमोग्लोबिन स्तर घटकर बेहद चिंताजनक स्थिति 2.5 g/dl पर पहुंच गया था। डॉक्टरों ने तुरंत रक्त चढ़ाने की अति-आवश्यकता बताई थी।
मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए श्री ठाकुर पुष्पेंद्र सिंह लोधी एवं डॉ. कमलेश के चचेरे भाई कुंजीलाल (रीछई) ने फोन पर वरदान फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष डॉ. कमलेश अहिरवार को स्थिति की जानकारी दी।
वरदान फाउंडेशन की त्वरित पहल: 'सेवा में सदैव तत्पर'
सूचना मिलते ही वरदान फाउंडेशन के बैनर तले डॉ. कमलेश ने पहले कई अन्य रक्तदाताओं से संपर्क कर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया। जब ऐन मौके पर कोई दाता उपलब्ध नहीं हो सका, तो मरीज की बिगड़ती सांसों की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉ. अहिरवार ने स्वयं आगे आकर रक्तदान करने का फैसला लिया। वे बिना एक पल गंवाए सीधे जिला चिकित्सालय पहुंचे और रक्तदान कर फाउंडेशन के संकल्प को साकार किया।
"तेरा तुझको अर्पण..."
रक्तदान के पश्चात वरदान फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष डॉ. कमलेश अहिरवार ने कहा:
"प्रकृति का दिया हुआ कभी अल्प नहीं होता, 'तेरा तुझको अर्पण' की भावना ही वरदान फाउंडेशन का मूल मंत्र है। हमारी संस्था का सदैव यही प्रयास रहता है कि कोई भी जरूरतमंद इलाज या रक्त के अभाव में परेशान न हो। रक्तदान करने से जो सुकून मिलता है, वह अतुलनीय है। हम समाज के हर स्वस्थ नागरिक से रक्तदान की इस मुहीम से जुड़ने की अपील करते हैं।"
वरदान फाउंडेशन के इस सराहनीय कार्य और डॉ. कमलेश अहिरवार की त्वरित सेवा भावना के लिए मरीज के परिजनों, अस्पताल स्टाफ एवं क्षेत्रवासियों ने संस्था का हृदय से आभार व्यक्त किया है।