गुरू ज्ञान के साथ ही अपने षिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार तथा सुसंस्कारित बनाते है

एमएलबी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मनाया गया गुरू पूर्णिमा पर्व

शहडोल - आषाढ़ माह के पूर्णमाषी को गुरू पूर्णिमा मनाई जाती है। गुरू के छः स्वरूप बताए गए है जो प्रेरणा दे, सही दिषा का संकेत दे, ज्ञान का उपदेष करें, उचित मार्ग दिखाएं, षिक्षा प्रदान करें और सत्य का बोध कराकर आत्मविकास का मार्ग प्रषस्त करें। यह उपदेष शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहडोल में गुरू पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संत श्री बालब्रम्हचारी भागवत दास जी महाराज ने दिए। 

जिला षिक्षा अधिकारी श्री अतुल चैधरी ने कहा कि गुरू ज्ञान के साथ ही अपने षिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुविचार और सुसंस्कारो से सुषिक्षित करते है। आपने विद्यार्थियो से कहा कि अपने गुरूजनों के आदर्षाे को मनाते हुए अपने जीवन को संबल बनाएं। उन्होंने कहा कि गुरू केवल ज्ञान नहीं देते वे जीवन को नई दिषा भी देते है। 
       सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिंहा ने कहा कि संस्कार आर्षीवाद और मार्गदर्षन से व्यक्तित्व का निर्माण होता है तथा सफलता का मार्ग प्रषस्त होता है। इस अवसर पर उन्होंने गुरू पूर्णिमा के अवसर पर षिक्षको एवं विद्यार्थियो को बधाई दी तथा कहा कि गुरूजनो के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त करने का यह अवसर है। उनके आदर्षाें को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें। 
          इस अवसर पर प्राचार्य साधना जैन, षिक्षिका श्रीमती अरूणिमा सिंह सहित अन्य षिक्षक, षिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहें।