ग्राम पंचायत पोंडी़कलाॅ बना रोजगार सहायक का पैसा लूटने का अड्डा

भैयालाल चर्मकार 

उच्च अधिकारियों की मिल रही रोजगार सहायक को संरक्षण ग्रामीणों के उच्च अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी कोई भी अधिकारी मौके स्थल पर आकर ना कभी जांच करते और ना ही कभी कोई कार्यवाही करते हैं नजर आए हैं विगत वर्षों में सैकड़ो ग्रामीणों ने जनपद सीईओ जिला सीईओ व कलेक्टर महोदय को लिखित पत्र के माध्यम से शिकायत दे चुके हैं परंतु आज तक कोई भी अधिकारी कार्य स्थल पर उपस्थित होकर जांच करते दिखाई नहीं दिए साथ ही सैकड़ो सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें भी होती रहती हैं लेकिन आज तक कोई भी उच्च अधिकारियों के द्वारा जांच नहीं किया गया रोजगार सहायक का कहना है मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता मैं नीचे से लेकर ऊपर तक सभी अधिकारियों को कमीशन देता हूं यदि कोई मेरा जांच करेगा या मेरे ऊपर कार्यवाही करेगा तो मैं अधिकारियों को खुद फंसा दूंगा इसीलिए अधिकारी भी जांच करने में डरते हैं
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ग्रामीणों वह पंच्चो का कथन
पंचों का कहना है कि हमें आज तक कोई भी ग्राम सभा में नहीं बुलाया जाता और ना ही किसी भी कार्यवाही में हमारा हस्ताक्षर लिया जाता है अपनी मनमानी तरीके से रोजगार सहायक काम करते हैं विरोध करने पर साफ कहता है मेरा जो बिगड़ना हो बिगाड़ लेना मैं ऐसे ही काम करूंगा मेरे अधिकारियों के साथ ऊपर से नीचे तक बैठे हैं तुम किसके पास जाओगे इसीलिए तो इतनी शिकायतों के बाद भी कोई भी अधिकारी ग्राम पंचायत में चल रहे कार्यों का निरीक्षण नहीं करते

फर्जी हाजिरी
मनरेगा पोर्टल पर देखा गया की 6 जुन से लेकर 16 जून के बीच 600 फर्जी हाजिरी लगाकर 600*261= लगभग डेढ़ लाख रुपया लूटने का काम पुनः किया है

ग्रामीणों का कहना है
ग्रामीणों का कहना है कि शासन और प्रशासन दोनों मिलकर के ग्राम पंचायत के गरीबों के पेट में लात मारने का काम किया जा रहा है इसका संपूर्ण दोष विधायक सांसद और मंत्रियों का है जबकि रोज सीएम हेल्पलाइन समाचार पत्र सोशल मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि में खबरें निकल रही है इसके बाद भी शासन और प्रशासन नींद की गोली खाकर सो रहा है इसलिए संपूर्ण जिम्मेदार सरकार में बैठे लोग हैं