ग्राम पंचायत लपरी - तालाब निर्माण में भारी अनियमितताएं, उपयंत्री और सचिव पर लगा सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप
शहडोल (मध्य प्रदेश) - जिले के ग्राम पंचायत लपरी में शासकीय धन के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ तालाब के सौंदर्यीकरण और मेड (घाट) निर्माण के नाम पर भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उपयंत्री और सचिव की मिलीभगत से निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और शासन की राशि को कागजों में खर्च दिखाकर बंदरबांट की जा रही है।
निर्माण कार्य पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, तालाब के किनारे बनाए जा रहे पक्के घाट और मेड का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं है। कार्यस्थल की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें निर्माण कार्य की गुणवत्ता अत्यंत दयनीय दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों का कहना है:
घटिया सामग्री - निर्माण कार्य में न तो सही गुणवत्ता वाली ईंटों का उपयोग किया गया है और न ही सीमेंट-मसाले का अनुपात सही है, जिससे निर्माण के अभी से टूटने का डर बना हुआ है। नियमों की अनदेखी - बिना किसी तकनीकी विशेषज्ञ की देखरेख के मनमाने ढंग से निर्माण किया जा रहा है।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा घाट- ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सरपंच और सचिव ने मिलीभगत कर काम के नाम पर सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया है और भारी कमीशनखोरी की गई है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
यह पूरा मामला जिला शहडोल , लपरी क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहाँ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है। एक तरफ सरकार जल संरक्षण के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने निर्माण कार्य की जांच नहीं की और दोषी अधिकारियों/प्रतिनिधियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला कलेक्टर से मिलकर मामले की शिकायत करेंगे।


