धूल के गुबार में घुट रही सांसें, सड़क निर्माण में भारी लापरवाही से जनता त्रस्त



*एसईसीएल की निर्माणाधीन सड़क बनी मुसीबत, कालरी प्रबंधन की उदासीनता पर उठे सवाल*

*पानी के छिड़काव के बिना डाला जा रहा डस्ट, घरों में घुस रही धूल, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा*

अनूपपुर। विकास के नाम पर कराया जा रहा सड़क निर्माण कार्य अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बनता जा रहा है। वार्ड क्रमांक 15 में एसईसीएल द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही के चलते पूरा क्षेत्र धूल के गुबार से घिर गया है। हालात ऐसे हैं कि बिना किसी भारी वाहन के आवागमन के भी उड़ रही डस्ट सीधे लोगों के घरों तक पहुंच रही है, जिससे आमजन का जीवन दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में भारी मात्रा में डस्ट डालने के बावजूद कालरी प्रबंधन द्वारा नियमित पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र की जनता भुगत रही है। घरों में रखे खाद्य पदार्थ, कपड़े और घरेलू सामान धूल से पट रहे हैं, जबकि बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा सहित श्वास संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब निर्माण कार्य आबादी के बीच किया जा रहा है तो धूल नियंत्रण के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा। पर्यावरणीय मानकों और जनसुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी होने के बावजूद कालरी प्रबंधन मौन क्यों है?

वार्डवासियों की लगातार शिकायतों के बाद नगर परिषद बंनगवा यशवंत सिंह अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा। अध्यक्ष ने एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के उपक्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र लिखकर निर्माण स्थल पर नियमित पानी का छिड़काव कराने और धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय करने की मांग की है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्य के कारण बढ़ रहे प्रदूषण से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और वातावरण दूषित हो रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की उचित निगरानी की जा रही होती तो यह स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या संबंधित अधिकारियों ने कभी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया है? यदि किया है तो फिर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन क्यों नहीं कराया गया?

*जनता की मांग – पहले सुरक्षा, फिर विकास*

वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियमित पानी का छिड़काव शुरू नहीं कराया गया और धूल नियंत्रण के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन जनता के स्वास्थ्य और सुविधा की कीमत पर नहीं। अब देखना यह होगा कि शिकायत के बाद एसईसीएल प्रबंधन और कालरी अधिकारी इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं या फिर जनता को धूल के गुबार में ही जीने के लिए छोड़ दिया जाएगा।

इनका कहना है।

महाप्रबंधक को पत्र लिखकर धूल नियंत्रण करने के कहाँ गया है विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन जनस्वास्थ्य और पर्यावरण की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। यदि संबंधित विभाग द्वारा शीघ्र आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो नगर परिषद जनहित में आगे भी आवश्यक कार्रवाई करेगी।

 यशवंत सिंह
 अध्यक्ष नगर परिषद बनगवां