धूल का गुबार बना मुसीबत: एसईसीएल की सड़क से सांस लेना हुआ मुश्किल

सेमरा से केरहा मार्ग निर्माण में लापरवाही, अस्पताल-स्कूल तक प्रभावित

अनूपपुर। हसदेव क्षेत्र अंतर्गत झिरिया यूजी माइंस के लिए सेमरा से केरहा मार्क तक बनाई जा रही सड़क अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही पर्यावरणीय नुकसान की शिकायतें सामने आने लगी थीं, वहीं अब सड़क पर डाले गए डस्ट और मिट्टी के कारण आसपास के रहवासी तथा राहगीर भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

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*लेवलिंग के लिए खोदे गए गड्ढे बने खतरा*
सड़क निर्माण के दौरान लेवलिंग के लिए आसपास कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए गए। इन गड्ढों से निकाली गई मिट्टी का उपयोग सड़क निर्माण में किया गया, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद भी गड्ढों को सुरक्षित नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये गड्ढे अब हादसों का खतरा बने हुए हैं।
*हवा में उड़ रहा डस्ट, घरों तक पहुंच रही धूल*
सड़क निर्माण के कार्य में जो डस्ट डाल दी गई है। गर्मी और तेज हवाओं के कारण यह धूल लगातार उड़ रही है, जिससे आसपास के घरों, दुकानों और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। राहगीरों की आंखों में धूल जा रही है तो वहीं लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हो रही है।
*अस्पताल, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी भी प्रभावित*
सबसे गंभीर बात यह है कि इसी मार्ग पर अस्पताल, स्कूल और महाविद्यालय स्थित हैं। रोजाना हजारों लोग इस सड़क से गुजरते हैं। धूल के गुबार के कारण मरीजों, विद्यार्थियों और आम लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यदि सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव किया जाता तो धूल को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता था, लेकिन ठेकेदार द्वारा ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई।
*स्थानीय लोगों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग*
क्षेत्र के रहवासियों ने एसईसीएल प्रबंधन और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल पानी का छिड़काव कराने और सड़क निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कई दिनों से समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रबंधन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।