धनपुरी वार्ड नंबर 22 में नलों से बह रही लापरवाही, दूषित पानी पीकर बीमार पड़ रहे बच्चे-बुजुर्ग 

 
धनपुरी। नगर पालिका धनपुरी के विकास और बेहतर मूलभूत सुविधाओं के दावों की हकीकत देखनी हो तो वार्ड नंबर 22 स्थित असलम किराना के सामने वाली गली का हाल देख लीजिए। यहां नलों से स्वच्छ पेयजल नहीं, बल्कि गंदा और दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि क्षेत्र के लोग मजबूरी में यही दूषित पानी पीने को विवश हैं। लगातार गंदा पानी पीने से बच्चे, बुजुर्ग और अन्य लोग बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता ऐसी है मानो उन्हें आम जनता की सेहत और जिंदगी से कोई सरोकार ही न हो।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका धनपुरी कार्यालय और संबंधित पार्षद से शिकायत की जा चुकी है। सदर नूरी मस्जिद के शाहनवाज अंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि वार्डवासियों ने पिछले वर्ष भी इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

समस्या के समाधान के नाम पर गली को खोदकर छोड़ दिया गया, जिससे लोगों को आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि पाइप लाइन डालने का काम आज तक पूरा नहीं हुआ। गली खुदी पड़ी है, धूल-मिट्टी और कीचड़ से लोग परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी शायद सिर्फ कागजों में विकास कार्य पूरा दिखाने में व्यस्त हैं।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि दूषित पानी की वजह से घर-घर में लोग बीमार हो रहे हैं। बच्चों को पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं हो रही हैं तो वहीं बुजुर्गों की तबीयत भी लगातार खराब हो रही है। 
शाहनवाज अंसारी ने बताया कि कई परिवारों ने गंदे पानी की शिकायत की, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। बावजूद इसके नगर पालिका धनपुरी प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या जिम्मेदार किसी बड़े स्वास्थ्य संकट का इंतजार कर रहे हैं? क्या वार्ड नंबर 22 के लोग साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा पाने के हकदार नहीं हैं?

चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे और विकास के सपने दिखाने वाले जनप्रतिनिधि अब इस समस्या पर मौन साधे हुए हैं। वार्डवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि जब बार-बार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं हो रहा, तो आखिर जिम्मेदारों की जवाबदेही कौन तय करेगा।

नगर पालिका धनपुरी प्रशासन के लिए यह स्थिति किसी चेतावनी से कम नहीं है। यदि समय रहते नई पाइप लाइन बिछाकर स्वच्छ पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियां पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर संकट बन सकती हैं। अब जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ फाइलों में विकास दिखाने के बजाय जमीनी हकीकत पर ध्यान दें और वार्ड नंबर 22 के लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराकर राहत पहुंचाएं।