भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च- विधायक ब्यौहारी

गुरू पूर्णिमा के अवसर पर संदीपनी विद्यालय ब्यौहारी में आयोजित हुआ कार्यक्रम
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 शहडोल - गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शासकीय सांदीपनी विद्यालय मऊ में आयोजित कार्यक्रम में ब्यौहारी विधायक श्री शरद कोल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विधायक ने गुरुओं का सम्मान करते हुए विद्यार्थियों को गुरु के महत्व से अवगत कराया । विधायक श्री शरद कोल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। हमारी प्रथम गुरु माता होती हैं, जो हमें जीवन के प्रारंभिक संस्कार देती हैं। इसके बाद हर वह व्यक्ति, जिससे हमें कुछ नया सीखने को मिलता है, वह हमारे लिए गुरु के समान है। गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा और उद्देश्य भी प्रदान करते हैं।


उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि गुरुजनों के प्रति सम्मान, अनुशासन और समर्पण की भावना ही सफलता की पहली सीढ़ी है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए ज्ञान के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी आवश्यक हैं, जो हमें अपने शिक्षकों से प्राप्त होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, अपने माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।  कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।